Suguna (सुगुना कंपनी) की कहानी – 5000 रुपये से 10,000 करोड़ रुपये तक का सफर | Eggora

5000 रुपये से 10,000 करोड़ तक का सफर
पोल्ट्री ट्रेडिंग से देश की सबसे बड़ी इंटीग्रेशन और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग कंपनियों में शुमार।

सुनदरराजन बंधुओं की प्रेरणादायक कहानी।

1984 में, तमिलनाडु के कोयंबटूर से लगभग 72 किमी दूर उदुमलईपेट्टई में बी. सुंदरराजन और जी.बी. सुंदरराजन ने केवल 5000 रुपये के निवेश से एक पोल्ट्री फार्म की शुरुआत की थी।
39 वर्षों बाद, उनकी कंपनी एक दिग्गज बन चुकी है, जिसका टर्नओवर 10,000 करोड़ रुपये से अधिक है।

कृषि पृष्ठभूमि से आने वाले ये भाई सफलता की ऊँचाइयों तक पहुंचे।

अपना फार्म शुरू करने से पहले, वे चिकन फीड खरीदकर किसानों को बेचते थे। उस समय किसान हर जरूरत के लिए अलग-अलग विक्रेताओं से सामान खरीदते थे — जैसे चावल की भूसी, दवाइयाँ या चारा। हर विक्रेता अपने-अपने मुनाफे के साथ सामान बेचता था, जिससे लागत बढ़ती गई और किसान समय पर भुगतान नहीं कर पाते थे।

इसी समस्या ने उन्हें एक नया विचार दिया — कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग, जो उस समय एक अनसुनी और नई अवधारणा थी।
आज सुगुना फूड्स देश की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग कंपनियों में से एक है, और ब्रॉयलर पोल्ट्री उद्योग में 15% से अधिक की हिस्सेदारी रखती है।

उनकी यात्रा से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं:
• सफलता महीनों या सालों में नहीं मिलती, इसके लिए दशकों तक मेहनत और धैर्य चाहिए होता है।
• अगर आप सही समस्या को पहचानें और उस पर व्यावहारिक और अलग सोच के साथ समाधान निकालें, तो आप भीड़ से अलग खड़े हो सकते हैं।
• जोखिम लेना जरूरी है। उन्होंने भी अपने संसाधन और साख दांव पर लगाकर कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग की शुरुआत की — और वही उनकी सफलता की कुंजी बनी।

यह एक ऐसी कहानी है जिसे हर उद्यमी, हर किसान को पढ़ना और उससे सीखना चाहिए।

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